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नवरात्रि के पावन समय में जब पूरे भारतवर्ष में साधना और उपवास चल रहे हैं, उसी बीच एक महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन और ज्योतिषीय परिस्थिति ने ध्यान आकर्षित किया है।
मंगल का राशि परिवर्तन और महादशा भारत के लिए आने वाले महीनों में कई तरह की चुनौतियाँ लेकर आ सकता है।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि ज्योतिषीय दृष्टि से भारत और प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए अगले कुछ महीने कैसे रहने वाले हैं।
मंगल का महादशा और ज्योतिषीय संकेत

जून 2025 से ही मैंने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि जब मंगल सिंह राशि में आएंगे तो मोदी जी के लिए समय चुनौतीपूर्ण रहेगा।
अब सितंबर से मंगल की महादशा शुरू हो चुकी है। यह महादशा पूरे भारतवर्ष के लिए भी गहरे प्रभाव लेकर आ रही है।
- शनि वक्री हैं।
- गुरु जल्द ही वक्री होंगे।
- मंगल अपनी स्वयं की राशि वृश्चिक में प्रवेश करने वाले हैं।
- राहु भी नए नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
इन ग्रहों की स्थिति यह संकेत दे रही है कि राजनीतिक और सामाजिक हलचलें तेज होंगी।
मोदी जी और भारत की कुंडली पर प्रभाव
- आने वाले महीनों में सरकार पर कई तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगेंगे।
- विपक्ष के साथ-साथ ज्योतिषीय भविष्यवाणियाँ भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनेंगी।
- मोदी जी को टारगेट किया जाएगा, उनकी छवि को धूमिल करने के प्रयास होंगे।
- प्राण संकट और षड्यंत्र की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
सामाजिक और राजनीतिक हलचलें
शनि और मंगल की स्थिति बताती है कि:
- किसानों के बीच आंदोलन खड़ा करने का प्रयास होगा।
- वर्किंग क्लास और युवा वर्ग को आंदोलित करने की कोशिश की जाएगी।
- जातिगत विद्वेष और क्लास स्ट्रगल जैसे मुद्दों को हवा दी जाएगी।
- धार्मिक उन्माद का वातावरण भी बनेगा, खासकर पूर्वी भारत, बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में।
👉 यह भी ध्यान देने योग्य है कि जब गुरु वक्री होंगे तो धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर टकराव बढ़ेगा। नॉर्थ ईस्ट, बिहार और बंगाल में इसका असर ज्यादा दिख सकता है।
विपक्ष और अफवाहों का सच
कई ज्योतिषी और विपक्षी दल कह रहे हैं कि सितंबर में मोदी जी पद छोड़ देंगे।
लेकिन ग्रहों की स्थिति यह संकेत देती है कि मोदी जी कठिनाइयों का सामना जरूर करेंगे, लेकिन वे समर्पण नहीं करेंगे।
यदि स्थिति गंभीर हुई तो वे संसद भंग कर नए चुनाव करवाने का फैसला भी ले सकते हैं।
जनता के लिए संदेश
- आने वाले 114 दिन (जनवरी 2026 तक) चुनौतिपूर्ण रहेंगे।
- लेकिन अफवाहों में न आएं।
- जागरूक रहें, संयम रखें और खतरे वाली जगहों से दूर रहें।
- व्यक्तिगत स्तर पर आप भगवान कार्तिकेय की पूजा कर सकते हैं।
यह मंगल की महादशा को संतुलित करने में सहायक होगा।
👉 बहुत से लोग यह सवाल पूछते हैं कि क्या मंत्र या टोटके से देश पर संकट टल सकता है? इसका उत्तर है – जब संकट राष्ट्रीय स्तर का हो तो केवल मंत्र नहीं, बल्कि जनता की सजगता और एकता ही सबसे बड़ा उपाय होती है।
निष्कर्ष
भारत आने वाले महीनों में राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक हलचलों से गुजरेगा।
लेकिन यह समय केवल चुनौतियों का ही नहीं बल्कि सजग रहने और एकजुट होकर सामना करने का भी है।
देश हित में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने स्तर पर शांति और जागरूकता बनाए रखे।
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