7 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण (ब्लड मून): समय, सूतक काल, प्रभाव और उपाय

🌕 चंद्र ग्रहण 2025: कब और कहां दिखाई देगा?

साल 2025 का दूसरा और महत्वपूर्ण टोटल लूनर इक्लिप्स 7 सितंबर 2025 की रात को लगने जा रहा है।

  • भारत में यह चंद्र ग्रहण पूर्ण रूप से दिखाई देगा।
  • ग्रहण शुरू होगा: रात 9:57 PM (7 सितंबर)
  • ग्रहण समाप्त होगा: रात 1:25 AM (8 सितंबर)

क्योंकि यह भारत में दृष्ट होगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य होगा।

⏰ सूतक काल कब लगेगा?

चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है।

  • ग्रहण शुरू: रात 9:57 बजे
  • सूतक आरंभ: दोपहर 12:57 बजे (7 सितंबर)
  • सूतक समाप्त: 1:25 AM (8 सितंबर)

👉 इसलिए दोपहर 12:57 बजे के बाद कोई भी धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, शुभ कार्य वर्जित माने जाएंगे।

🔯 ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्र ग्रहण 2025

यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा।

  • चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में होंगे।
  • शनि मीन राशि में वक्री रहेंगे और ग्रहण से केवल 5° की दूरी पर होंगे।
  • राहु और बृहस्पति (मिथुन राशि) के बीच विशेष दृष्टि संबंध (9/5 योग) बनेगा।

👉 इसका अर्थ है कि इस ग्रहण में केवल सूर्य और चंद्रमा ही नहीं, बल्कि शनि और बृहस्पति भी प्रभावित होंगे।

🌍 किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर?

नक्षत्रों के अनुसार यह ग्रहण विशेषकर उत्तर भारत और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र को प्रभावित करेगा।

  • भारत: हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, कश्मीर, उत्तर-पूर्वी राज्य
  • पड़ोसी देश: नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, चीन बॉर्डर
  • विश्व स्तर पर: आर्कटिक क्षेत्र, नॉर्डिक देश (नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड), रूस, अलास्का और ग्रीनलैंड प्रभावित होंगे।

🚫 चंद्र ग्रहण में क्या न करें?

  1. ग्रहण के दौरान भोजन न करें।
  2. कोई भी धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य न करें।
  3. गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय बाहर न निकलें और चंद्रमा को न देखें।
  4. नुकीली चीज़ों (कैंची, सुई आदि) का प्रयोग न करें।
  5. झगड़ा और विवाद से दूर रहें।

✅ चंद्र ग्रहण में क्या करें?

  1. ग्रहण से पहले भोजन कर लें।
  2. तुलसी पत्र दूध, दही और खाने की वस्तुओं में डाल दें।
  3. ग्रहण के दौरान मंत्र जाप, ध्यान और साधना करें।
  4. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें।
  5. जरूरतमंदों को दान करें – विशेषकर सफेद वस्तुएं (चावल, दूध, वस्त्र आदि)।

👶 गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां

  • ग्रहण के समय बाहर न निकलें।
  • चंद्रमा को देखने से बचें।
  • नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें।
    👉 इससे गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

🪔 चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें?

ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, दान और जप करना बहुत शुभ माना जाता है। प्राचीन शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल में वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। स्नान करने से यह नकारात्मकता दूर होती है और मन व शरीर शुद्ध होते हैं। इसके साथ ही, गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं। यदि संभव हो तो ग्रहण समाप्ति के बाद अपने इष्ट देव का पूजन अवश्य करें और आभार व्यक्त करें। यह आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य को आकर्षित करेगा।

🌑 ब्लड मून क्या है?इस बार का चंद्र ग्रहण ब्लड मून (Blood Moon) कहलाएगा।

  • ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग लालिमा लिए होगा।
  • ज्योतिष में इसे अशुभ माना गया है।
  • इसका असर मानसिक स्थिति, भावनाओं और प्राकृतिक घटनाओं पर अधिक होगा।

🔮 ज्योतिषीय सुझाव

ग्रहण के समय ब्रह्मचर्य का पालन करें।

  • ध्यान और मंत्र जाप से कई गुना फल प्राप्त होता है।
  • ग्रहण से 3 दिन पहले और बाद में कोई बड़ा निर्णय न लें।

📌 निष्कर्ष

7 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय योग भी है। इसका प्रभाव पूरे विश्व पर होगा। इसलिए सतर्क रहना, धार्मिक नियमों का पालन करना और सकारात्मक साधना करना इस समय सबसे उत्तम उपाय है।

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